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Meera waliyo ke imam lyrics Manqabat Naat In Hindi


By ilmnoorhai.com   ·  
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मीराँ वलियों के इमाम दे दो पज-तन के नाम
हम ने झोली है फैलाई बड़ी देर से डालो नज़र-ए-करम, सरकार अपने मेँगतों पर इक बार
हम ने आस है लगाई बड़ी देर से

मेरे चाँद मैं सदक़े आजा इधर भी
चमक उठे दिल की गली ग़ौस-ए-आ'ज़म

मीराँ वलियों के इमाम दे दो पज-तन के नाम
हम ने झोली है फैलाई बड़ी देर से

तेरे रब ने मालिक किया तेरे जद को
तेरे घर से दुनिया पली ग़ौस-ए-आ'ज़म

तेरा रुत्बा आला न क्यूँ हो कि मौला
तू है इब्न-ए-मौला-अली ग़ौस-ए-आज़म

कदम गर्दन-ए-औलिया पर है तेरा
तू है रब का ऐसा वली ग़ौस-ए-आज़म

तुम जो बनाओ बात बनेगी दोनों जहाँ में लाज रहेगी
लजपाल करम अब कर दो मँगतों की झोली भर दो
भर दो कासा सब का पंज-तनी खैर से

कहां हमने या ग़ौस अग़िसनी' तो दम में
हर आई मुसीबत टली ग़ौस-ए-आज़म

दिल की कली मेरी आज खिली है
आप आए हैं ख़बर मिली है
ज़रा मेरे घर भी आओ लिल्लाह करम फ़रमाओ
हम ने महफ़िल है सजाई बड़ी देर से

रोते रोते 'उम्र गुज़ारी कब आएगी अपनी बारी
ज़रा जलवा मुझे दिखादो
मेरे दिल की कली खिला दो
मैं ने बिपता है सुनाई बड़ी देर से

क़ल्ब-ओ-नज़र में नूर समाया
एक सुरूर सा ज़हन पे छाया
जब मीरा लगे पिलाने
मेरे होश लगे ठिकाने
ऐसी पी है मैं ने मय दस्त-गीर से

मुश्किल जब भी सर पर आई तेरी रहमत आड़े आई
जब मैं ने तुम्हें पुकारा काम आया तेरा सहारा
चलता 'आसी का गुज़ारा तेरी ख़ैर से

फ़िदा तुम पे हो जाए नूरी ए मुज़्तर
ये है इस की ख़्वाहिश दिली ग़ौसे आ'ज़म

Naat Khawan:- उवैस रज़ा क़ादरी, मुहम्मद मुबश्शिर हसन क़ादरी, मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरी.